2 साल से पटवारी को ढूंढ रहे हैं ग्रामीण
कार्यवाही नहीं होने से पटवारी के हौसले बुलंद
विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव)– ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे बंटवारा फौती एवं नामांतरण के लिए पटवारी का दो-दो साल से चक्कर काट रहे हैं। पटवारी न तो मिलता है न फोन उठाता है यदि मिलता भी है तो बड़ी रकम की डिमांड करता है जो हितग्राही दे नहीं पाते। ऐसी स्थिति में बंटवारा, फौती नामांतरण का काम नहीं हो पा रहा है जिससे लोग धान बेचने से वंचित हो गए। बाद में दूसरे के पट्टे पर धान बेचा गया। ग्राम गम्हरी के बलराम पांडे एवं ईश्वर पांडे ने बताया कि पिता की मौत के पश्चात 2 साल पूर्व उन्होंने पटवारी के पास फौती के लिए आवेदन लगाया था। तब से लेकर अब तक वे दर-दर भटक रहे हैं। 2 साल बाद भी काम नहीं हो पाया। ग्राम गम्हरी के ग्रामीणों ने बताया कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए पटवारी बड़ी रकम की डिमांड करता है महीने में एकाध दिन ही आता है और कुछ लोगों से मिलकर चला जाता है जिससे ग्रामीण जाति आय, निवास प्रमाण पत्र से लेकर नामांतरण बटवारा फौती का आवेदन भी नहीं कर पाते यदि आवेदन कर भी देते हैं तो उसे वर्षों तक लटका कर रखता है। पूर्व में भी उनके ऊपर ग्रामीणों से रकम लेकर कार्य करने के आरोप लगाए गए हैं किंतु लेकिन कार्यवाही नहीं हुआ है जिससे उसके हौसले बुलंद हैं।
शोपीस बना उप तहसील वासकोट
उप तहसील कार्यालय बांसकोट शोपीस बनकर रह गया है जहां न तो अधिकारी बैठते हैं न पटवारी बैठता है एकमात्र पटवारी जिसका चार्ज गम्हरी में भी प्रभार है उससे ग्रामीण रिश्वतखोरी के नाम से खौफ खाते हैं।
ग्राम वासकोट निवासी श्रवण सिंहा ने लिखित शिकायत करके पटवारी पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था किंतु जांच पूर्ण होने के बाद भी पटवारी पर कार्यवाही नहीं हुआ वहीं इसी गांव के सियाबती ने भी आरोप लगाया है कि 20 साल तक तहसील कार्यालय का चक्कर काटने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया गया सियाबती ने एसडीएम केशकाल के समक्ष लिखित शिकायत की थी किंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व केशकाल आकांक्षा नायक ने कहा कि पटवारी की शिकायतें मिल रही हैं उनको हटाने की कार्यवाही की जाएगी साथ ही लोगों की समस्या के निराकरण का नए सिरे से प्रयास होगा।
