बांसकोट में धान खरीदी में गंभीर लापरवाही
धान बेचने से वंचित हुए किसान, दोबारा टोकन नहीं मिलेगा
सचिव नहीं पहुंचा, दोपहर बाद पहुंचा पटवारी
कोंडागांव (नई दुनिया न्यूज़) धान खरीदी के तीसरे दिन 15 नवंबर से प्रदेश में सरकार के द्वारा धान खरीदी का कार्य शुरू किया गया है। प्रशासन के द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था के लिए पूरी प्रशासन टीम को झोंक दिया गया है क्योंकि इन दिनों धान खरीदी प्रभारी एवं अन्य स्टाफ के द्वारा अपनी मांगों को लेकर हड़ताल किया जा रहा है जिसके चलते प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है धान खरीदी में किसी प्रकार की कोताही न हो इसके लिए संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश जारी किए गए किंतु ग्राम बांसकोट में धान खरीदी केंद्र में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है किसानों का 160 कुंटल धान का टोकन कटा था जिसे किसानों को 17 नवंबर को ग्राम बांसकोट के धान खरीदी केंद्र में पहुंचे किंतु वहां पर कोई भी अधिकारी कर्मचारी नहीं दिखे जिसके कारण वह किसान धान नहीं बेच पाए। दोबारा सॉफ्टवेयर में टोकन नहीं दिखाई देगा जिससे वह धान बेचने से वंचित हो जाएगा जिसे लेकर किसानों में भारी चिंता है। जहां धान खरीदी के पहले दिन 15 नवंबर को कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं दिया दूसरे दिन रविवार की छुट्टी के कारण धान खरीदी बंद था तथा तीसरे दिन पुनः जब धान खरीदी का कार्य शुरू हुआ तो संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को सुबह से ही धान खरीदी केंद्र में पहुंच जाना था किंतु वहां दोपहर 12 बजे तक कंप्यूटरऑपरेटर, पटवारी ग्राम पंचायत का सचिव एवं संबंधित कृषि अधिकारी जिनको धान खरीदी की जिम्मेदारी दी गई है, नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि यहां सुबह से ही टोकन के लिए किसान पहुंच चुके थे।कई किसान जो कि पढ़े-लिखे नहीं है वह ऑनलाइन टोकन काटने के बजाय ऑफलाइन टोकन पाना चाह रहे थे जिसके लिए वह सुबह 8:00 बजे से लेंम्पस में पहुंचे थे ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 12:00 बजे यहां ऑपरेटर एवं पटवारी पहुंचे किंतु विद्युत कनेक्शन बंद होने के कारण वे कंप्यूटर चालू तक नहीं कर पाये। गांव में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव ने धान खरीदी को गंभीरता से नहीं लिया और वह यहां नहीं पहुंचा। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत सचिव माह में एकाध बार ही ग्राम पंचायत के कार्यों के लिए आता है। किसानों ने बताया कि वह ग्राम पंचायत सचिव को जानते तक नहीं है।
विद्युत व्यवस्था तक नहीं
ग्राम पंचायत बाँसकोट में धान खरीदी केंद्र का आलम यह है कि यहां विद्युत व्यवस्था तक नहीं है। अंधेरे में सन्नाटा पड़ा है लेम्पस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ पटेल ने बताया कि यहां अधिकारी कर्मचारियों को एक दिन पहले ही आना था किंतु वह यहां व्यवस्था को देखने नहीं पहुंचे उनको लाइट बंद होने की सूचना दी गई थी साथ ही धान खरीदी प्रांगण में गंदगी पसरा है झाड़ू तक नहीं लगाया गया है। श्री पटेल नहीं बताया कि उनके द्वारा कृषि अधिकारी, पटवारी एवं सचिव को कई बार फोन किया गया था किंतु किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया जिससे व्यवस्था गड़बड़ा चुका था। कृषक रतनलाल साहू ने बताया कि वे अन्य किसानों के साथ सुबह से बैठे हैं उन्हें धान का टोकन लेना था किंतु ऑपरेटर जो कि 12 बजे पहुंचा उन के आने के बाद भी टोकन नहीं काटा जा सका ऑपरेटर ने बताया कि लाइट बंद है वह कुछ नहीं कर सकता। कुछ लोगों ने इनवर्टर चालू करने के लिए कहा किंतु ऑपरेटर ने कहा कि इनवर्टर चालू करना उसे नहीं आता। कृषक अनूप सेठिया ने बताया कि उसे यहां धान का टोकन लेना था साथ ही राजस्व से संबंधित काम के लिए वह पटवारी को ढूंढ रहा है पटवारी न तो फोन उठा रहा है न ही मुख्यालय पर है न धान खरीदी केंद्र पर वह सप्ताह भर से पटवारी को जगह-जगह तलाश कर रहा है जिससे उसका एग्री टेक का काम नहीं हो पाया अब वह धान बेच पाएगा इस पर संशय बना हुआ है। कृषक आशु लाल यादव ने बताया कि वह वासकोट के धान खरीदी केंद्र में टोकन के लिए गया था जहां उसे दो टूक कह दिया गया कि अभी यहां कोई नहीं है बाद में आना।
मुझे पता नहीं है मैं संबंधित लोगों को फोन करके जानकारी दूंगा जिनका ड्यूटी लगा है उनसे पूछताछ करता हूं –तहसीलदार बड़े राजपुर – फणेश सोम
