धान खरीदी सुचारू रूप से करने के लिए किसानों की बैठक
पटवारी एवं सचिव की लापरवाही से हो रही प्रशासन की बदनामी
कोंडागांव– प्रदेश में 15 नवंबर से शासन के द्वारा धान खरीदी की जा रही है।धान खरीदी से जुड़े खरीदी प्रभारी एवं अन्य कर्मचारियों के हड़ताल में रहने से प्रशासन को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है लेकिन मामला धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है और लगभग सभी जगह धान की खरीदी होना शुरू हो गया है।
जिले मे सबसे ज्याद बाँसकोट में लापरवाही देखी गई जहां एक पटवारी को धान खरीदी का जिम्मा दिया गया है पटवारी जो कि लगभग 35 से 40 किलोमीटर दूर से प्रतिदिन आना जाना करता है ठंड एवं पारिवारिक जिम्मेदारी की वजह से देर तक पहुंचता है जबकि किसान सुबह-सुबह ही खरीदी केंद्र पर पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि धान खरीदी के तीसरे दिन 18 नवंबर को रात को बोहनी हो पाई
तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद किया खरीदी
प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद यहां जिम्मेदार पटवारी गंभीर नहीं दिखा किसानों ने कई शिकायतें की तब जाकर तहसीलदार फणेश सोम ने ग्राम बाँसकोट के धान खरीदी केंद्र में पहुंचकर हाल-चाल देखा तब उस समय पटवारी के द्वारा किसानों को यह कह कर धान वापस किया जा रहा था कि अभी सॉफ्टवेयर काम नहीं कर रहा है यदि किसानों का धान खरीद भी लिया जाएगा तो ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पाएगा ऐसा कह कर पटवारी के द्वारा किसानों को डर दिखा जा रहा था कि यदि ऑनलाइन एंट्री नहीं हो पाएगा तो उनका पैसा रुक जाएगा किंतु तहसीलदार ने किसानों की स्थिति को देखते हुए धान खरीदने कहा। अपने ही अधिकारी को गुमराह करते हुए पटवारी के द्वारा आनाकानी किया जा रहा था किंतु तहसीलदार ने गंभीरता दिखाई और कहा कि आज तो धान खरीदी का शुरुआत करना ही पड़ेगा तत्पश्चात शाम रात तक एक किसान का धान कांटा हो पाया। इसके पश्चात बाँसकोट बालेंगा केरागांव के ग्रामीणों ने बैठक की है तथा स्थिति को संभालने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा की बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि यह निर्णय लिया गया कि जहां धान खरीदी होना है वहां पर साफ सफाई एवं अन्य कार्यों में किसानों के द्वारा मदद की जाएगी बैठक में जनपद अध्यक्ष सुखमन मरकाम जनपद उपाध्यक्ष नारायण नेताम ग्राम बालेंगा के सरपंच सुकमन नेताम साहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसानों ने सिरकत की। बैठक में यह भी तय किया गया कि अलग-अलग गांव के किसान अलग-अलग दिन में धान बेचेंगे जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था से बचा जा सके।
धान खरीदी केंद्र गम्हरी में वापस गए किसान
ग्राम गम्हरी में 16 नवंबर को 5 किसानों को वापस किया गया वहां पर भी पटवारी एवं अन्य लोगों की लापरवाही उजागर हुई। जहां हमाल की व्यवस्था नहीं होने से टोकन लेकर आए किसान धान लेकर पहुंचे किंतु बैरंग वापस होना पड़ा।
