वाटरशेड में गड़बड़ी जिस अधिकारी को जांच कर दिया गया जिम्मा वही पत्रकारों का नाम लेकर करने लगा वसूली
वाटरशेड योजना में जिले में कराए गए कार्यों में लगातार अनियमिता एवं भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही है। आरटीआई से मिले दस्तावेज एवं ग्रामीणों से मिली शिकायत के आधार पर कलेक्टर कोंडागांव के द्वारा शीघ्र जांच का आदेश दे दिया गया है। किंतु विडंबना यह कि जिनके ऊपर जांच का जिम्मा है वह अपनी ही जेब भरने की फिराक में लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उप संचालक कोंडा गांव के द्वारा वाटरशेड अधिकारी श्री शर्मा एवं चंद्रशेखर कश्यप को जांच का जिम्मा दिया गया है चंद्रशेखर कश्यप जो कि वाटरशेड परियोजना अधिकारी हैं के द्वारा फील्ड में जाकर लगातार जांच की जा रही है।बताया जा रहा है कि वह सुबह से ही जांच के लिए निकल जाते हैं किंतु एक अन्य अधिकारी श्री शर्मा जी के द्वारा टेबल पर ही जांच किया जा रहा है इतना ही नहीं बल्कि वह जांच के बहाने अपनी जेबें भरने की कोशिश में लगे हैं एक वेंडर एवं एक दुकानदार जिनका बिल लगा है ने शिकायत की है कि शर्मा जी के द्वारा उनको मोटी रकम की मांग इसलिए की गई थी कि जांच के लिए कुछ पत्रकारों ने मामले की शिकायत की है उनके अलावा कई अन्य पत्रकार भी भ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में लगे हैं उन पत्रकारों को मैनेज करने के लिए मोटी रकम की आवश्यकता है अतः जो लोग गड़बड़ी किए हैं वह सब उनसे मिलें तथा मैनेज करने के लिए पैसा एकत्रित करें शिकायतकर्ताओं ने अपने नाम न छापने की बात कही है शिकायतकर्ताओं का यह भी मानना है कि चूंकि गड़बड़ी हुई है इसलिए वह डरे सहमे हैं और मौके का फायदा उठाकर जांच अधिकारी उन्हें और अधिक डरा कर पैसे लेने के चक्कर में है वह अपने नाम से न मांग कर पत्रकारों के नाम से पैसे की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि कोंडागांव जिले में कोंडागांव परियोजना और बड़े राजपुर परियोजना के अंतर्गत डब्ल्यूडीटीआर के तहत लाखों रुपए का कार्य हुआ है जिसमें सर्वेयर गजेंद्र साहू एवं अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितता बरते जाने की शिकायत हो रही है इसके पूर्व जिले में पदस्थ परियोजना अधिकारी ने भी लाखों रुपए का गड़बड़ी करके जुगाड लगाकर यहां से अपना तबादला करवा लिया जिसके पश्चात ही जिले में वाटरशेड सुर्खियों पर है कुछ मीडिया कर्मियों ने इस योजना के तहत हुए कार्यों की आरटीआई के तहत जानकारी निकाल कर मामले को उजागर किया है किंतु कृषि उपसंचालक के द्वारा जांच के नाम पर लीपा पोती की जा रही थी तत्पश्चात मीडिया कर्मियों एवं ग्रामीणों ने मिलकर मामले की शिकायत कलेक्टर कोंडा गांव नूपुर राशि पन्ना से की है इसके पश्चात मामले की जांच में तेजी आई है। ग्राम पंचायत बालेंगा के किसानों ने गंभीर शिकायत की है कि उनके खेतों में डबरी निर्माण का कार्य कृषि विभाग के अधिकारियों की मॉनिटरिंग में वाटरशेड योजना के तहत किया गया है किंतु जिनको पैसा मिलना था उन जेसीबी एवं ट्रैक्टर वालों के खाते में पैसा डालने के बजाय एक कांग्रेसी नेता के खाते में लगभग बडी को डाल दिया गया और पता चला कि कांग्रेसी नेता ने तुरंत एक और जेसीबी खरीद लिया जब सर्वेयर के द्वारा उन्हें अपने डाले गए रकम की मांग की ताकि किसानों को कुछ रकम दिया जा सके तो मौके का फायदा उठाकर कांग्रेसी नेता ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया तत्पश्चात मामले की शिकायत किसानों ने कृषि उपसंचालक डीपी टांडे से की है किंतु उपसंचालक हमेशा की तरह जांच में लापरवाही बरत रहे हैं तथा किसानों की समस्या की सुनवाई नहीं हो रही है। अब किसानों ने मामले की शिकायत मंत्रालय से की है तत्पश्चात मामला अब गरमाता आता जा रहा है। इसी बीच उपसंचालक कृषि के द्वारा जांच अधिकारी श्री शर्मा को जिन्हें जांच की जिम्मेदारी दी गई है उनके ही द्वारा आरोपियों से शिकायतकर्ताओं को एवं पत्रकारों को मैनेज करने के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है। कुछ वेंडर एवं दुकानदारों ने इस मामले की मौखिक शिकायत की है तथा उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
