पीएम आवास में गड़बड़ी
हितग्राही का राशि दूसरे के खाते में
नहीं बन पाया पीएम आवास
कोंडागांव (नई दुनिया न्यूज़) जिले में प्रधानमंत्री आवास में लगातार लापरवाही के मामले उजागर हो रहे हैं ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है जिसमें हितग्राही को पीएम आवास का रकम मिलना था किंतु वह राशि बार-बार दूसरे के खाते में डाल दिया गया जिससे हितग्राही जो कि पक्का मकान बनाने का सपना संजो रहा था वह सपना ही रह गया।
मामला ग्राम पंचायत बांसकोट का है जहां सोनाराम पिता रामू राम के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था जिसको लेकर वह बेहद खुश था और खाते में राशि जमा होने के पहले ही पति-पत्नी ने मिलकर स्वयं मजदूरी करते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया था इसके अलावा उन्होंने अपने मजदूरी से एकत्र थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। सितंबर 2024 में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायत के सचिव ने उन्हें बताया था कि उनका मकान स्वीकृत हुआ है और वह मकान का निर्माण शुरू कर दे जिसके चलते उसने नींव खुदाई का कार्य शुरू किया तत्पश्चात निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया और वह अपने परिजनों रिश्तेदारों से कुछ उधार लेकर डीपीसी लेबल तक मकान बनाया जब उसके खाते में 18 माह तक तक रकम नहीं आया तो वह ग्राम पंचायत बांसकोट एवं जनपद पंचायत बडेराजपुर का में जाकर पूछताछ किया तो पता चला कि उसके खाते मैं जो रकम डाली गई वह किसी दूसरे के खाते में ट्रांसफर हो गया।जब उसने बैंक में जाकर पता लगाया तो वहां पता चला कि उसके खाते में पैसा नहीं आया है तब उसने पुनः पंचायत में जाकर पता किया तब पता चला कि मिलते जुलते नाम के कारण उसका पैसा दूसरे के खाते में चला गया है।
हितग्राही की मौत के बाद पत्नी पर आई जिम्मेदारी
मामला 2024 का है पहली किस्त 40 हजार रुपये सितंबर 2024 में जारी हुआ तब तक पंचायत कर्मियों एवं जनपद के अधिकारियों के द्वारा कार्य का निरीक्षण नहीं किया गया इसके बाद दूसरी किस्त 60 हजार रुपये नवंबर 2024 में पुनः डाला गया इसी बीच हितग्राही सोनाराम की मौत हो गई तब भी पंचायत सचिव एवं अन्य अधिकारियों ने जाकर निरीक्षण नहीं किया। इसी बीच हितग्राही सोनाराम की मृत्यु हो गई तत्पश्चात अब शासकीय कार्यालय का चक्कर काटने की जिम्मेदारी उनकी विधवा पत्नी पांचोबाई पर आ गई।
18 माह तक प्रशासन को खबर नहीं
किसी भी अधिकारी कर्मचारियों ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि शासन के द्वारा दी गई राशि का किस तरह उपयोग हो रहा है। इसी के चलते यह लापरवाही हुई है। जब हितग्राही ने शिकायत किया तब जाकर पीएम आवास का निरीक्षण किया गया तब यह गंभीर लापरवाही उजागर हुई किंतु अभी भी किसी अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है जिससे महिला इस मामले को लेकर बेहद परेशान है किंतु अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही दिखाई नहीं दे रही है
पूर्व में भी गंभीर लापरवाही
ग्राम पंचायत चिचाड़ी में पीएम आवास का पैसा गवन करने के आरोप में पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है वहीं ग्राम पंचायत बांसकोट में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां पीएम आवास में कई खामियां उजागर हुई थी किंतु उन्हें दंड देने के बजाय अच्छे जगह तबादला कर पुरस्कृत किया गया है। लेनदेन करके पीएम आवास बांटा गया था 5 साल पहले बनाए गए मकानों को दिखाकर बिना जिओ टेक और बिना फोटो ग्राफ के रकम दे दिया गया गांव के कुछ जनप्रतिनिधियों ने मामले की शिकायत कलेक्टर जनरेशन में की थी तब जाकर मामला उजागर हुआ था किंतु कार्यवाही में हल हवाला के चलते अब पीएम आवास में लापरवाही को लेकर कोई गंभीर दिखाई नहीं देता नहीं पंचायत सचिव एवं अन्य कर्मचारी इसे लेकर गंभीर दिखाई देते जिससे प्रधानमंत्री आवास में मनमानी बढ़ती जा रही है
सीईओ ने कार्यवाही में लिया यू टर्न
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई ने बड़े राजपुर में पदस्थ विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया था कि ग्राम पंचायत बांसकोट में हुई लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा दो संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा किंतु उन्होंने अचानक यू टर्न लेते हुए लापरवाह पंचायत कर्मियों को पुरस्कृत करते हुए दूसरे पंचायत में तबादला कर लाभ दिया गया जिसे लेकर बड़े राजपुर में पदस्थ अधिकारी हाथ पर है उनका मानना है कि उन्होंने कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की थी तथा मामले में आरोपियों के खिलाफ में पक्के सबूत भेजे गए थे किंतु जिला पंचायत सीईओ का यू टर्न क्षेत्र में अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
डिप्टी कलेक्टर प्रभारी सीईओ बडेराजपुर लखेश्वर यादव ने बताया कि उनके कार्यकाल का मामला नहीं है शिकायत मिली है। मामले की जांच की जाएगी और संबंधित लोगों पर कड़ी कार्यवाही के लिए अनुशंसा की जाएगी।
